Breaking News
भाजपा ने मोदी को फिर पीएम बनाने और विकसित भारत के अलाप को दी गति
भाजपा ने मोदी को फिर पीएम बनाने और विकसित भारत के अलाप को दी गति
आईपीएल 2024- लखनऊ सुपर जाएंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला आज 
आईपीएल 2024- लखनऊ सुपर जाएंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला आज 
यह है नरेंद्र मोदी का नया भारत, जहां महिलाओं को मिलता है उनका हक और सम्मान- कंगना रनौत 
यह है नरेंद्र मोदी का नया भारत, जहां महिलाओं को मिलता है उनका हक और सम्मान- कंगना रनौत 
जूनियर एनटीआर की ‘देवरा’ की रिलीज तारीख टली, अब 10 अक्टबूर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
जूनियर एनटीआर की ‘देवरा’ की रिलीज तारीख टली, अब 10 अक्टबूर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
उत्तराखंड आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे राहुल गांधी- बीजेपी 
उत्तराखंड आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे राहुल गांधी- बीजेपी 
आखिर क्यों क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बचपन के दोस्त के खिलाफ दर्ज करवायी रिपोर्ट
आखिर क्यों क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बचपन के दोस्त के खिलाफ दर्ज करवायी रिपोर्ट
कोलकाता में बोली ममता बनर्जी – बंगाल में एनआरसी और सीएए नहीं होने दूंगी लागू 
कोलकाता में बोली ममता बनर्जी – बंगाल में एनआरसी और सीएए नहीं होने दूंगी लागू 
मौसमी बुखार से सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये असरदार टिप्स
मौसमी बुखार से सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये असरदार टिप्स
पीएम मोदी के अब यह दो दिग्गज उत्तराखंड में गरमाएंगे प्रचार का माहौल 
पीएम मोदी के अब यह दो दिग्गज उत्तराखंड में गरमाएंगे प्रचार का माहौल 

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद पर मध्यस्थता करेगा रूस?

[ad_1]

मॉस्को। मॉस्को भारत में रूस के नए राजदूत डेनिस एलिपोव ने कहा है कि लद्दाख मसले को लेकर रूस की भारत और चीन के बीच मध्यस्थता करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा है कि अगर दोनों देशों ने मध्यस्थता की इच्छा जताई तो रूस इस पर विचार कर सकता है।

एलिपोव ने कहा है कि भारत और चीन के बीच मध्यस्थ बनने की हमारी कोई योजना नहीं है। लेकिन अगर ऐसी इच्छा दोनों पक्षों द्वारा व्यक्त की जाती है, तो निश्चित रूप से, हम इस पर सबसे अधिक सावधानी से विचार करेंगे।
एलिपोव ने कहा है कि दोनों पक्ष अपने बीच क्षेत्रीय विवाद को विशुद्ध रूप से द्विपक्षीय मामले के रूप में देखते हैं तो ऐसे में मध्यस्थता की कोई बात नहीं है। हम हस्तक्षेप नहीं करने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द इस मसले को राजनयिक तरीकों से सुलझा लेंगे।

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर करीब दो साल से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच अब तक 14 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। हालांकि बातचीत के बाद कई पॉइंट्स से डिसएंगेजमेंट हुई है।14 दौर की सैन्य वार्ता के दोनों पक्षों ने जल्द से जल्द कमांडर स्तर की बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई थी।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top