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यमकेश्वर ब्लॉक का मिनी नासिक चमनपुर में बाप-बेटे की जोड़ी कर रही कमाल, सब्जी उत्पादन में हासिल कर रहे नये आयाम

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यमकेश्वर। एक ओर जहॉ युवा पहाड़ से रोजगार की तलाश में शहर की ओर उन्मुख हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों का रूझान पारंपरिक खेती से हट गया है, पूरे उत्तराखण्ड में गॉव से पलायन की प्रतिशत दर में वृद्धि ही नजर आती है, इसका मुख्य कारणों में से रोजगार न होना या फिर खेती के प्रति युवाओं की उदासीनता। लेकिन कुछ लोग आज भी कृषि उद्यमिता ने नये नये प्रयोग कर स्वरोजगार ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी रोजगार दे रहे हैं।


यमकेश्वर क्षेत्र के मिनी नासिक के रूप में प्रसिद्ध धमान्दा गा्रम के राजस्व गॉव चमनपुर गॉव प्याज की उत्पादन शीलता के लिए जाना जाता है, यहॉ वैसे तो हर परिवार सीजन में प्याज की पौध और प्याज की अच्छी पैदावार होने से यहॉ से किसानों की अच्छी बिक्री होती है। लेकिन इसी गॉव में पूर्व प्रधान धमांदा और उनके बेटे दोनों मिलकर सब्जी उत्पादन में नित रोज नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। पिता पुत्र की जोड़ी की मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज उनके गॉव में फार्म फील्ड स्कूल खोल दिया गया है, जिसमें पूर्व प्रधान रविन्द्र नौटियाल क्षेत्र के किसानों को प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

पूर्व प्रधान रविन्द्र नौटियाल का कहना है कि उन्होनें लगभग 45 नाली जमीन में सब्जी का उत्पादन करते है, उनके साथ उनका बेटा प्रदीप उनियाल और पूरा परिवार सहयोग करता है, बकौल रविन्द्र नौटियाल का कहना है कि पिछले साल उन्होनें अकेले ही लगभग 130 क्वेंटल प्याज बाजार में उचित दाम पर बेचा है। वहीं मौसमी सब्जी में वर्तमान में शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन, फूल गोभी, पत्ता गोभी, भिण्डी, खीरा से लेकर अन्य सीजनली सब्जी का उत्पादन प्रगतिशील एवं आधुनिक तौर तरीकों से कर रहे हैं, जिनका उनको अच्छा मुनाफा मिल जाता है। वह साल भर में लगभग दो से ढाई लाख तक मुनाफा हो जाता है।


पूर्व प्रधान रविन्द्र नौटियाल को कृषि विभाग द्वारा ब्लॉक स्तर पर दो बार सम्मानित किया गया जिसमें उन्होने दप्रगतिशील कृषक से नवाजा गया है, उन्हें प्रोत्साहन राशि के तहत दो बार विभाग द्वारा 10-10 हजार का इनाम दिया गया है, विगत कुछ माह पूर्व उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने मसाले उत्पादन क्षेत्र में भी रविन्द्र नौटियाल को पुरस्कृत किया है।

वहीं रविन्द्र नौटियाल के पुत्र प्रदीप नौटियाल का कहना है कि यदि सब्जी उत्पादन को आधुनिक तरीके से और प्रगतिशील ढंग से की जाय तो इसमें मुनाफा ही नहीं बल्कि अच्छा कैरियर भी है। युवा रविन्द्र नौटियाल का कहना है कि पिताजी से प्रेरित होकर मैनें भी इसी क्षेत्र में स्वरोजगार करने का मन बनाया, और अब हम मिलकर सब्जी उत्पादन को नित नये प्रयोग के साथ उत्पादन करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होनें कहा कि अब उन्होने पॉली हाउस भी बना दिया है, जिसमें टमाटर को रस्सी को ऊपर से लटाकर बेल को चढाया जाता है, साथ ही सिचांई भी आधुनिक तरीके से ड्रिपिंग सिस्टम से किया जा रहा है, ताकि सीधे पौघे तक पानी पहॅुचे अनावश्यक पानी की व्यय न हो।

वहीं पूर्व प्रधान रविन्द्र नौटियाल पुनः बताते हैं कि जहॉ तक विपणन की बात आती है तो दिउली बाजार, नीलकंठ बाजार से लेकर काण्डी कस्याली तक सब्जी का विपणन किया जाता है। साथ ही ऋषिकेश हरिद्वार में भी मॉग के अनुसार सब्जी आपूर्तित की जाती है। गर्मियों के सीजन में भिण्डी लौकी खीरा का उत्पादन अच्छे मात्रा में हो जाता है। वह कहते हैं कि प्याज आलू की नगदी फसल भी अच्छी हो जाती है, और बिक्री भी समय पर हो जाती है। उन्होनें बताया कि सीजन के समय प्याज की पौध की भी क्षेत्र से अच्छी मॉग आती है, वह पौध में भी अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं। वहीं साल भर में गॉव के 5-10 लोगों को आवश्यकतानुसार रोजगार भी उपलब्ध हो जाता है।

हालांकि उन्होनें के कहा कि सब्जी उत्पादन में मौसम के अनुसार बीमारियों से बचाव के लिए छिड़काव से लेकर उनके समय समय पर उनकी देखभाल और कटाई छटाई पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। इसके साथ ही समय समय पर इसके लिए प्रशिक्षण भी आवश्यक है, ताकि आधुनिक तरीके से सब्जी उत्पादन से लेकर उसका विपणन किया जा सके। सब्जी उत्पादन में स्वरोजगार का सुनहरा अवसर है,युवाओं को इस क्षेत्र मेंं अच्छा सुनहरा मौका मिल सकता है, हालांकि शुरूवाती दौर में इसको लेकर सतर्क और मेहनत एवं छोटे स्तर पर किया जा सकता है, और धीरे धीरे इसका विस्तार किया जा सकता है।



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