उत्तराखंड

ट्रकों की हड़ताल से हालात हुए खराब, कनाडा-अमेरिका के बीच कारोबार रुका

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ऑन्टैरियो।  कोरोना महामारी के दौर में कनाडा और अमेरिका इन दिनों एक नए संकट का सामना कर रहे हैं, वजह है ट्रकों की हड़ताल। सैंकड़ों ट्रकों ने ऑन्टैरियो के विंडसर में एंबैसडर ब्रिज को ठप किया हुआ है। यहां से न कोई सामान अमेरिका जा पा रहा है और न आ रहा है। जरूरी चीजों की किल्लत हो गई है। कनाडाई पीएम की अपील भी बेअसर हो रही है। ऑन्टैरियो से लेकर राजधानी ओटावा तक प्रदर्शन हो रहे हैं। 50 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी ओटावा में डटे हुए हैं। वे पीएम जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे पर अड़े हैं। हालत ये हैं कि ऑन्टैरियो में इमरजेंसी की घोषणा करनी पड़ी है और कोर्ट को दखल देना पड़ा है।

ट्रकों की इस हड़ताल की वजह है कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडे का एक आदेश। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले महीने जारी इस आदेश में कहा गया है कि अमेरिका से आने वाले उन्हीं ट्रक चालकों को कनाडा में एंट्री दी जाएगी। जिन्होंने कोरोना की वैक्सीन लगवा रखी होगी, वरना उन्हें क्वारंटीन होना पड़ेगा। ट्रक चालकों के संगठन इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। धीरे-धीरे शुरू हुए इस विरोध ने विशाल रूप ले लिया है। चालकों ने एंबैसडर ब्रिज पर 400 से ज्यादा ट्रक खड़े कर रखे हैं। इसकी वजह से सामान की आवाजाही पूरी तरह ठप है। जरूरी चीजों की किल्लत होने लगी है। रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है। कनाडा और अमेरिका के बीच कुल व्यापार का करीब एक-तिहाई इसी ब्रिज के जरिए होता है।

मीडिया रिपोर्ट बताती है कि इस पुल से हर रोज 323 मिलियन डॉलर (2440 करोड़ रुपये) का सामान आता-जाता है। 10 हजार से ज्यादा कमर्शल गाडिय़ों की आवाजाही होती है, लेकिन पिछले दो हफ्ते से सब ठप है।
हालात ऐसे हो गए हैं कि कनाडाई पीएम को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को फोन करके हालात की जानकारी देनी पड़ी है। दोनों देश इस संकट का समाधान निकालने में जुटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी कनाडाई पीएम ट्रूडो के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वो पीएम के उस बयान से नाराज हैं, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को मुठीभर चिल्लाने वाले लोग’ और ‘स्वास्तिक लहराने वाले’ करार दिया था। इससे न केवल विपक्षी दल बल्कि खुद उनकी लिबरल पार्टी के सांसद भी भडक़ गए हैं।

कनाडा में ट्रक चालकों ने हड़ताल के दौरान अपनी बात मनवाने के लिए अनोखा तरीका भी आजमाया। 11 दिनों तक उन्होंने लगातार 16 घंटे तक ट्रकों को हॉर्न बजाए। हड़तालियों को मनाने की हर कोशिश नाकाम हो रही है। कोई रास्ता न देख ऑन्टैरियो के मेयर ने शुक्रवार को शहर में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया। उनका कहना है कि ये प्रोटेस्ट नहीं रह गया है, लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया है। इसके कुछ ही घंटे बाद अदालत ने आदेश जारी करके हड़तालियों से इलाके को खाली करने को कहा है। अनिवार्य कोरोना वैक्सीनेशन के खिलाफ ट्रक चालकों की इस हड़ताल का असर सिर्फ कनाडा तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और फ्रांस में भी इसी तरह के प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। वहां भी लोग वैक्सीन के खिलाफ सडक़ों पर उतर रहे हैं।



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