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अब नई सरकार से बेहत्तर सड़क की सुविधा की आस

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले की बड़कोट तहसील के क्षेत्र पंचायत चोपड़ा के 8 गांव के ग्रामीण अब नई सरकार से बेहत्तर सड़क सुविधा की आस लगा रहे हैं। यहां गढ़ आम्बेडकर रोड का चौड़ीकरण और डामरीकरण नहीं होने पर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी, लेकिन 14 फरवरी को ग्रामीणों ने यह सोचकर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए वोट डाला कि आगे उनकी सड़क की स्थिति को सरकार सुधार देगी। चुनाव से ठीक पहले ग्रामीणों ने बड़कोट एसडीएम के माध्यम से मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर सड़क के चौड़ीकरण तथा डामरीकरण की मांग की थी। खाटल पट्टी के ग्राम पंचायत चोपड़ा, देवल, गढ़, कसलाना, न्यूडी, छिलोरा, मप्पा एवं चरणाचक के ग्रामीणों का कहना है कि इस बार चुनाव बहिष्कार का निर्णय इसलिए टाल दिया कि जो भी नई सरकार आएगी, शायद वह ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनेगी। बता दें कि इस क्षेत्र के लिए कपनौल मुख्य सड़क मार्ग से गढ़ आंबेडकर क्षेत्र के लिए कच्ची और संकरी हल्का वाहन रोड है।

पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क करीब 32 साल पहले उत्तरप्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार के वक्त बनी थी। विडंबना ही कहा जाएगा कि आज तक इस सड़क का चौड़ीकरण और डामरीकरण नहीं हो पाया है। जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पृथक उत्तराखंड राज्य बनने के बाद कांग्रेस और भाजपा की बारी-बारी सरकारें रही, लेकिन शासन-प्रशासन की तरफ से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। धरातल पर अभी तक कुछ भी काम नहीं हो पाया। ग्रामीण विजयपाल सिंह, रमेश आदि का कहना है कि यदि सड़क पर डामरीकरण और चौड़ीकरण की मांग पूरी नहीं हुई तो इस बार व्यापक आंदोलन किया जाएगा।



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