उत्तराखंड

पूर्व कैबिनेट मंत्री ने ली प्रशासन की मौजूदगी में रेल प्रभावितों की बैठक

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श्रीनगर गढ़वाल। रेल परियोजना की जद में आये प्रभावितों की मांगों को लेकर आंदोलित पूर्व कैबिनेट मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी ने श्रीनगर तहसील में देवप्रयाग से कर्णप्रयाग तक के रेलवे प्रभावितों की समस्याओं के निटाने हेतु रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक ली। जिसमें एसडीएम श्रीनगर अजयवीर भी मौजूद रहे। पूर्व कैबिनेट मंत्री, नैथानी ने बैठक लेते हुए रेलवे के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावित लोगों की समस्याएं हल नहीं हुई तो रेलवे के खिलाफ ऋषिकेश से लेकर कर्णप्रयाग तक विशाल जन आंदोलन होगा। इस दौरान प्रभावितों और रेलवे के अधिकारियों के बीच तीखी नोंकझोक भी हुई।

श्रीनगर तहसील में आयोजित बैठक में रेलवे प्रभावितों ने कहा कि रेलवे द्वारा जिन कंपनियों को पहाड़ में रेल लाइन निर्माण का काम दिया है, उन कंपनियों ने अपने बाहरी लोगों को यहां ठेका देकर स्थानीय लोगों के साथ कुठाराघात किया है। जबकि जमीन देने वालों को नौकरी देने के बजाय ठेकेदार से साथ हेल्पर वा अन्य काम में लगे लोगों को रेलवे में दिखाया है। यहीं नहीं जो लोग यहां नहीं उनका नाम भी नौकरी की लिस्ट में दर्शाया गया है। खांखरा से आये प्रदीप मलासी, ओमकार नौटियाल ने कहा कि खांखरा में तैनात मैनेजर द्वारा ग्रामीणों के साथ बदसलूकी की जाती है और प्रधानमंत्री का प्रोजेक्ट बोलकर डराया जाता है और स्थानीय लोगों की कोई भी मांग नहीं सुनी जाती है। उन्होंने ऐसे मैनेजर का जल्द स्थानांतरण किये जाने की मांग की है। कांग्रेस नेता डॉ. प्रताप भंडारी, क्षेपं सदस्य त्रिभुवन सिंह राणा ने बैठक में उपस्थित रेलवे के अधिकारियों को जमकर सुनाते हुए कहा कि हर बार बैठक कर कार्यवाही का आश्वासन देते है और एक भी काम पूरा नहीं करते है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो क्षेत्र में रेलवे के अधिकारियों को भगाया जायेगा। इसके साथ ही लोगों ने ब्लास्टिंग से होने वाले भवनों का मुआवजा देने के बजाय सीधे विस्थापन की मांग रखी। लोगों के साथ बैठक लेने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी ने रेलवे के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय सीमा पर मांगे पूरी नहीं हुई तो रेलवे का काम बंद उग्र आंदोलन होगा।

बैठक में कर्णप्रयाग, गौचर, नरकोटा, खांखरा, सुमरेपुर, सौड़, जनासू, सिवाई, लक्ष्मोली, मलेथा, नैथाणा, रानीहाट सहित कई गांव के प्रभावित लोग पहुंचे थे। रेलवे की ओर से डीजीएम पीडी बडोगा, विनय, देव प्रकाश, विनोद बिष्ट, मुकेश बर्त्वाल, राकेश बिष्ट, मोहनानंद डोभाल, लाल सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मोजूद थे।



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