उत्तराखंड

भारत के बाद अब भूटान पर अधिकरण की कोशिश में चीन

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नई दिल्‍ली। चीन लगातार पड़ोसी देशो की परेशानियाँ बढ़ाने पर लगा है जिसमे की वह तेजी से पड़ोसी देशों की जमीन और संसाधनों पर अतिक्रमण करने की नीति पर आगे बढ़ रहा है। चीन का नया शिकार भूटान बना है।

हाल ही में सैटेलाइट इमेज विश्लेषण के अनुसार चीन ने भूटान के साथ अपनी विवादित सीमा पर दो मंजिला इमारतों समेत 200 से अधिक संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाई है। चीन विवादित सीमा में छह स्थानों पर इन निर्माण कार्यों को अंजाम दे रहा है। अमेरिकी डेटा एनालिटिक्स फर्म हॉकआई-36 की ओर से रायटर को मुहैया कराई गई तस्‍वीरें और विश्लेषण इस बात की तस्‍दीक करते हैं कि भूटान से लगते विवादित सीमाई इलाकों में चीन निर्माण कार्य कर रहा है।

बता दें कि हॉकआई-360 (HawkEye-360) जमीनी गतिविधियों की खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए उपग्रहों की तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल करती है। हॉकआई-360 के मिशन एप्लिकेशन निदेशक क्रिस बिगर्स का कहना है कि भूटान की पश्चिमी सीमा के साथ कुछ स्थानों पर चीन की निर्माण संबंधी गतिविधियां साल 2020 की शुरुआत से ही चल रही हैं। सैटेलाइट इमेजरी फर्म कैपेला स्पेस और प्लैनेट लैब्स द्वारा प्रदान की गई सामग्री में देखा जा सकता है कि चीन उक्‍त विवादित क्षेत्रों को साफ कर रहा है और उन पर पटरियों का निर्माण कर रहा है।

क्रिस बिगर्स ने कहा कि तस्‍वीरों से साफ है कि साल 2021 से काम में तेजी आई है। पहले छोटे ढांचे बनाए गए थे (संभवतः निर्माण सामग्रियों और आपूर्ति के लिए) इसके बाद नींव रखी गई और फिर इमारतों का निर्माण किया गया। कैपेला स्पेस (Capella Space) द्वारा नए निर्माण के स्थानों और हाल ही में ली गई उपग्रह छवियों का अध्ययन करने वाले दो अन्य विशेषज्ञों ने कहा कि सभी छह बस्तियां चीन और भूटान द्वारा विवादित क्षेत्र में प्रतीत होती हैं। इसमें लगभग 110 वर्ग किलोमीटर का एक विवादित क्षेत्र भी शामिल है। इस इलाके में आबादी न के बराबर है।

चीन के इरादे किसी से छुपे नही है। वह हमेशा दुसरे देशो के लिए परेशानी खड़ी कर देता है। इससे पूर्व चीन भारतीय सीमा में भी अधिकरण की कोशिश कर चूका है जो विवाद अब भी जारी है । अम्रीका से लेकर श्रीलंका भी चीन का असली चेहरा देख चूका है। जिसके बाद अब चीन भूटान के साथ भी वही गतिविधियाँ दोहरा रहा है । 



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