उत्तराखंड

युक्रेन-रूस : युद्ध की आहट के बीच 25,000 लुहान्स्क निवासियों ने पार की रूस की सीमा

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कीव। रूस-यूक्रेन में युद्ध की आहट के बीच उसके निवासियों में भी अफरातफरी मच गई है। इस बीच एलपीआर आपात मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया की स्व-घोषित लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (एलपीआर) के लगभग 25,000 निवासी डोनबास में हिंसा की वृद्धि के चलते भाग रहे हैं और पहले ही रूस की सीमा पार कर चुके हैं। बता दें कि शुक्रवार को, एलपीआर और स्व-घोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक (डीपीआर) ने संपर्क लाइन पर तनाव बढ़ने पर रूस के रोस्तोव क्षेत्र में अपने नागरिकों को निकालने की घोषणा की थी।

निजी कारों से निकाले गए निवासी
प्रवक्ता ने रूसी कार्यवाहक आपात स्थिति मंत्री को बताया कि 25,000 एलपीआर नागरिकों ने सीमा पार कर ली है, जिन्हें निजी कारों का इस्तेमाल कर निकाला गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुल 10,000 शरणार्थियों के साथ तीन और काफिले बनाए जा रहे हैं।

यूक्रेनी सेना ने किया था हमला
बता दें कि यूक्रेन से अलग खुद को स्वतंत्र देश घोषित करने वाले लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक (एलपीआर) ने बीते दिन ही कहा था कि यूक्रेनी सेना ने उसके क्षेत्र में हमला किया है, जिसमें जेलेनाया रोशा भी शामिल है। हालांकि, एलपीआर को अंतरराष्ट्रीय रूप से यूक्रेन के हिस्से के रूप में मान्यता भी मिली हुई है। जाइंट सेंटर आन कंट्रोल एंड कमांड (जीसीसीसी) में एलपीआर प्रतिनिधि कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी। एलपीआर मिशन के प्रवक्ता ने कहा पिछले 24 घंटे के दौरान यूक्रेनी सैन्य बलों ने 29वीं बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था, जिसमें उन्होंने मोर्टार से गोले दागने के साथ-साथ तोपें और टैंकरोधी मिसाइलों से भी हमला किया।

लुहांस्क के नेता ने की थी रूस जाने की अपील
पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क में विस्फोट होने के बाद लुहांस्क के नेता लियोनिड पासचनिक ने अपने नागरिकों को खून-खराबे से बचाने के लिए जितना जल्दी हो सके रूस जाने की अपील की थी। गौरतलब है कि इस फैसले से पश्चिमी आशंकाओं को बल मिला है कि रूस इस बहाने हमला कर सकता है। बता दें कि पूर्वी यूक्रेन में 2014 में हुए अलगाववादी संघर्ष में 14,000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाईं थी।



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