Breaking News
सीआईएमएस नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग क्वालिटेटिव रिसर्च मेथोडोलॉजी विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ
सीआईएमएस नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग क्वालिटेटिव रिसर्च मेथोडोलॉजी विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ
आईपीएल 2024- क्वालीफायर-2 मुकाबले में आज सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स होगी आमने- सामने 
आईपीएल 2024- क्वालीफायर-2 मुकाबले में आज सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स होगी आमने- सामने 
चुनाव आयोग की नई पहल, वोटर्स को लुभाने के लिए की रैपिडो, जोमैटो, स्विगी के साथ साझेदारी
चुनाव आयोग की नई पहल, वोटर्स को लुभाने के लिए की रैपिडो, जोमैटो, स्विगी के साथ साझेदारी
पांच चरणों के चुनाव में मोदी की सुनामी देखकर घबरा गए गठबंधन के लोग – मुख्यमंत्री योगी
पांच चरणों के चुनाव में मोदी की सुनामी देखकर घबरा गए गठबंधन के लोग – मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से की चारधाम यात्रा की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से की चारधाम यात्रा की समीक्षा
तमिलनाडु में गूगल और फॉक्सकॉन साझेदारी में पिक्सल फोन का करेंगे उत्पादन
तमिलनाडु में गूगल और फॉक्सकॉन साझेदारी में पिक्सल फोन का करेंगे उत्पादन
ऋषिकेश एम्स में महिला चिकित्सक से छेड़खानी के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
ऋषिकेश एम्स में महिला चिकित्सक से छेड़खानी के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
अब गर्मी में भट्टी नहीं बनेगी आपकी किचन, इसे ऐसे रखें कूल कि मन लगे फुल
अब गर्मी में भट्टी नहीं बनेगी आपकी किचन, इसे ऐसे रखें कूल कि मन लगे फुल
केदारनाथ धाम में हेलिकॉप्टर पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, लैंडिंग के बाद यात्रियों ने ली राहत भरी सांस  
केदारनाथ धाम में हेलिकॉप्टर पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, लैंडिंग के बाद यात्रियों ने ली राहत भरी सांस  

मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का हुआ निधन, 41 दिनों से दिल्ली एम्स में चल रहा था इलाज

मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का हुआ निधन, 41 दिनों से दिल्ली एम्स में चल रहा था इलाज

[ad_1]

दिल्ली। कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का आज निधन हो गया है। राजू श्रीवास्तव स्टेज पर तो अपनी शानदार कॉमेडी से सबको हंसाते ही थे इसके अलावा वह असल जिंदगी में भी बहुत जिंदादिल इंसान थे। राजू की प्रोफेशनल लाइफ के बारे में तो ज्यादातर लोग जानते हैं लेकिन उनके निजी जीवन के बारे में कम ही लोगों को पता है।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नकल ने राजू श्रीवास्तव में बोया मिमिक्री का बीज
राजू श्रीवास्तव के पिता हास्य कवि थे, इसलिए बचपन से ही उनमें कॉमेडी कूट-कूटकर भरी थी। राजू बचपन में अपने पिता को देखकर सोचते थे कि उनकी तरह ही स्टेज पर परफॉर्म करेंगे और बचपन से ही स्कूल में व अन्य जगहों पर अपने पिता की कविता की लाइनों को सुनाया करते थे। इसके अलावा उन्हें सबकी नकल करने का भी शौक था। जब रेडियो पर वह इंदिरा गांधी की आवाज सुनते तो उनकी नकल करते। इसलिए जब घर में कोई आता तो उनके पिता कहते ‘बेटा बताओ जरा इंदिरा जी कैस बोलती हैं’। यहीं से उनमें मिमिक्री की बीज अंकुरित हुआ। जिसके जरिए उन्होंने लोगों के दिलों पर राज किया।

राजू श्रीवास्तव के बच्चे भी हैं मनोरंजन जगत का हिस्सा
राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा भी अपने पिता की तरह ही टैलेंटेड हैं।  वह पेशे से डायरेक्टर हैं और उन्होंने ‘फुल्लू’, ‘पलटन’, ‘द जॉब’, ‘पटाखा’ और ‘स्पीड डायल’ जैसी फिल्में की हैं। वहीं राजू श्रीवास्तव के बेटे एक सितार वादक हैं। वह अक्सर राजू के साथ उनके शोज में भी नजर आते थे।

गजोधर भैया के नाम की कहानी
मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को गजोधर भैया के किरदार से खूब पहचान मिली। उन्होंने टीवी के कॉमेडी शो ‘द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज’ में इसी किरदार के माध्यम से सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी थी और आगे बढ़ते चले गए। सबसे दिलचस्प बात यह है कि गजोधर भैया कोई काल्पनिक किरदार नहीं हैं, बल्कि गजोधर भैया वास्तविकता में थे। राजू का ननिहाल बेहटा सशान में था। वहां पर एक बुजुर्ग गजोधर रहते थे। वह रुक-रुक कर बोलते थे, उन्हीं का किरदार राजू ने अपनाया और उस किरदार को लोगों ने भी बहुत पसंद किया।

ये था राजू श्रीवास्तव का असली नाम
कानपुर की गलियों से निकलकर सबको हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव को लोग गजोधर भईया या फिर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव के नाम से ही जानते हैं, लेकिन यह बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव था।

50 रुपये से की थी करियर की शुरुआत
राजू श्रीवास्तव ने अपने करियर में स्टेज शोज से लेकर फिल्मों तक में काम किया था। शुरुआती दिनों में राजू श्रीवास्तव को स्टेज शो के लिए 50 रुपये मिलते थे। वहीं, सफलता मिलने के बाद वह एक शो के ही 5 से 10 लाख रुपये चार्ज करने लगे थे। कॉमेडियन राजू करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे, जिसे अब वह अपने परिवार के लिए छोड़ गए हैं।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top