Breaking News
गर्मियां शुरू होते ही जंगल की आग होने लगी बेकाबू, भारी मात्रा में वन संपदा को नुकसान 
गर्मियां शुरू होते ही जंगल की आग होने लगी बेकाबू, भारी मात्रा में वन संपदा को नुकसान 
बीजेपी ने स्टार प्रचारक की लिस्ट से हटाया सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार का नाम
बीजेपी ने स्टार प्रचारक की लिस्ट से हटाया सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार का नाम
आईपीएल 2024- राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला आज 
आईपीएल 2024- राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला आज 
कड़े कानून लागू करने से लेकर हर वर्ग का कल्याण किया- मुख्यमंत्री
कड़े कानून लागू करने से लेकर हर वर्ग का कल्याण किया- मुख्यमंत्री
विक्की कौशल, तृप्ति डिमरी और ऐमी विर्क बड़े पर्दे पर मचाएंगे धमाल, फिल्म ‘बैड न्यूज’ की रिलीज तारीख का हुआ ऐलान
विक्की कौशल, तृप्ति डिमरी और ऐमी विर्क बड़े पर्दे पर मचाएंगे धमाल, फिल्म ‘बैड न्यूज’ की रिलीज तारीख का हुआ ऐलान
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने न्याय संकल्प सभा को किया संबोधित, कहा उत्तराखंड से उनका खास रिश्ता है…..
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने न्याय संकल्प सभा को किया संबोधित, कहा उत्तराखंड से उनका खास रिश्ता है…..
सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल की याचिका पर करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 15 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल की याचिका पर करेगा सुनवाई
चार धाम सहित पंचकेदार पंच बदरी के कपाट खुलने की तिथियां घोषित
चार धाम सहित पंचकेदार पंच बदरी के कपाट खुलने की तिथियां घोषित
सिरदर्द होने पर तुरंत पेनकिलर न खाएं, इस बीमारी का बढ़ जाता है खतरा
सिरदर्द होने पर तुरंत पेनकिलर न खाएं, इस बीमारी का बढ़ जाता है खतरा

बस यात्रियों को लगेगा जोर का झटका,रोडवेज बसों का बढ़ेगा किराया

बस यात्रियों को लगेगा जोर का झटका,रोडवेज बसों का बढ़ेगा किराया

[ad_1]

देहरादून। उत्तराखंड में रोडवेज बसों के किराये बढोत्तरी पर फैसला अब चंपावत उपचुनाव के बाद ही होगा। चुनाव के कारण लागू आचार संहिता की वजह से राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) बोर्ड की बैठक करने से हिचक रहा है। परिवहन कंपनियां पिछले डेढ़ साल से डीजल मूल्य की बढोत्तरी के अनुसार किराया बढोत्तरी की मांग कर रहे हैं।

एसटीए बैठक को लेकर बार-बार हो रही देरी से परिवहन कारोबारियों में काफी नाराजगी है। चंपावत चुनाव में 31 मई को मतदान और तीन जून को नतीजा आना प्रस्तावित है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आचार संहिता की वजह से नीतिगत निर्णय लेना संभव नहीं है। इसलिए आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही एसटीए बैठक पर निर्णय हो सकता है।

दूसरी तरफ, केएमओयू के निदेशक हिम्मत सिंह नयाल ने कहा कि सरकार को विशेष परिस्थितियों के आधार पर एसटीए बैठक कर किराया वृद्धि पर निर्णय लेना चाहिए। वर्तमान में डीजल मूल्य में इजाफे की बसों को चलाना फायदे का सौदा नहीं रह गया। उल्टा अब यह काफी महंगा पड़ता जा रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही किराया वृद्धि पर निर्णय न लिया तो वाहन मालिकों के सामने अपनी बसें खड़ी करने के अलावा कोई चारा न रहेगा। जीएमओयू के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल कहते हैं किराया बढोत्तरी पर देरी पर देरी होने से वाहन कंपनियों के सामने संकट की स्थिति आ चुक है। हर सेक्टर में महंगाई बढ़ रही है। ऐसे में किराया वृद्धि का फैसला टाले रखना औचित्य से परे हैं। राज्य में हजारों लोगों का जीवनयापन परिवहन सेक्टर पर ही निर्भर है। एसटीए के निर्देश पर गठित किराया संशोधन समिति दो बार किराया दरों को एसटीए को सौंप चुकी है। इसमें विभिन्न श्रेणियों में 35 से 40 फीसदी तक किराया बढ़ाने की सिफारिश की गई है।

अभी हाल में रोडवेज के प्रस्ताव पर एसटीए ने समिति को सर्ज प्राइसिंग के आधार पर किराया संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। सर्ज प्राइसिंग के अनुसार यात्री संख्या के आधार पर वाहन मालिक किराया बढ़ा या कम कर सकता है।



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top